डिप्टी कमांडेंट भर्ती 2024: RPSC का पहला एग्जाम, केवल 255 अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा – एक संपूर्ण विश्लेषण

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राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) का वर्ष 2024 का पहला लिखित परीक्षा सत्र एक ऐसी घटना के साथ शुरू हुआ है जिसने प्रतियोगी परीक्षाओं के जगत में चर्चा और विश्लेषण का नया विषय खड़ा कर दिया है। राजस्थान अधीनस्थ और मंत्रालयिक सेवा चयन बोर्ड (RSMSSB) द्वारा आयोजित डिप्टी कमांडेंट (राजस्थान राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल) की भर्ती के लिए आयोजित इस प्रारंभिक परीक्षा में केवल 255 अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया।

यह आंकड़ा तब और भी चौंकाने वाला लगता है जब हम इस तथ्य को जानते हैं कि इन 255 उम्मीदवारों में से केवल लगभग 60 ही परीक्षा में उत्तीर्ण होने की उम्मीद कर सकते हैं, क्योंकि पदों की कुल संख्या 4 है और चयन के लिए 1:15 का अनुपात अपनाया गया है। यह स्थिति “कम उम्मीदवार, अधिक प्रतिस्पर्धा” के बजाय “अत्यधिक कम उम्मीदवार, सीमित अवसर” जैसी बन गई है। यह लेख इस भर्ती प्रक्रिया के हर पहलू – योग्यता, पाठ्यक्रम, चयन प्रक्रिया, इस बार की कम संख्या के कारणों और भविष्य की रणनीतियों पर गहन प्रकाश डालेगा।

भर्ती का संक्षिप्त विवरण (स्नैपशॉट)

विवरणविवरण
पद का नामडिप्टी कमांडेंट (राजस्थान राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल)
विभाग/बलराजस्थान राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल (Industrial Security Force)
भर्ती करने वाली संस्थाराजस्थान अधीनस्थ एवं मंत्रालयिक सेवा चयन बोर्ड (RSMSSB)
पदों की संख्या4 (जिसमें 1 पद ST, 1 पद OBC, और 2 पद सामान्य श्रेणी के लिए आरक्षित हैं)
परीक्षा आयोजितराजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC)
परीक्षा का चरणप्रारंभिक परीक्षा (Preliminary Examination)
परीक्षा तिथि2024 का पहला सत्र (हाल ही में आयोजित)
आवेदक (लगभग)255 (परीक्षा में शामिल)
अनुमानित उत्तीर्णलगभग 60 (मुख्य परीक्षा के लिए योग्य)
चयन प्रक्रियाप्रारंभिक परीक्षा → मुख्य परीक्षा → साक्षात्कार/शारीरिक मानक सत्यापन
आधिकारिक वेबसाइटhttps://rpsc.rajasthan.gov.in/ और https://rsmssb.rajasthan.gov.in/

डिप्टी कमांडेंट: भूमिका और जिम्मेदारियाँ
डिप्टी कमांडेंट का पद राजस्थान राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल में एक महत्वपूर्ण कमांड पोस्ट है। यह बल राज्य के विभिन्न औद्योगिक इकाइयों, सार्वजनिक उपक्रमों और संवेदनशील स्थलों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार है। एक डिप्टी कमांडेंट की भूमिका में निम्नलिखित शामिल हैं:

  • औद्योगिक परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था की योजना बनाना और कार्यान्वित करना।
  • बल के जवानों की तैनाती, प्रशिक्षण और पर्यवेक्षण करना।
  • सुरक्षा संबंधी जोखिमों का आकलन और निवारण।
  • आपातकालीन स्थितियों जैसे आग, औद्योगिक दुर्घटना आदि में नेतृत्व प्रदान करना।
  • कानून-व्यवस्था संबंधी मामलों में स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय।
  • सुरक्षा उपकरणों और प्रोटोकॉल का रखरखाव सुनिश्चित करना।
    यह एक चुनौतीपूर्ण और जिम्मेदारी भरा पद है, जिसके लिए शारीरिक दक्षता के साथ-साथ रणनीतिक सोच की आवश्यकता होती है।

योग्यता मानदंड (Eligibility Criteria)
इस पद के लिए आवेदन करने हेतु उम्मीदवारों को निम्नलिखित योग्यताएं रखनी आवश्यक थीं:

1. शैक्षिक योग्यता:

  • किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी विषय में स्नातक (Graduation) की डिग्री।
  • कुछ विशेष विषयों (जैसे फोरेंसिक साइंस, क्रिमिनोलॉजी, इंडस्ट्रियल सेफ्टी) में डिप्लोमा या अतिरिक्त योग्यता को प्राथमिकता दी जा सकती है।

2. आयु सीमा (21 जनवरी 2024 तक):

  • न्यूनतम आयु: 21 वर्ष
  • अधिकतम आयु: 40 वर्ष
  • आयु में छूट: राजस्थान सरकार के नियमानुसार विभिन्न श्रेणियों (SC/ST/OBC/पुरुष-महिला/विशेष अभ्यर्थी) के लिए आयु में छूट का प्रावधान है।

3. शारीरिक मानदंड:

  • ऊंचाई: पुरुष – 165 सेमी (अनारक्षित), 160 सेमी (आरक्षित); महिला – 155 सेमी (अनारक्षित), 150 सेमी (आरक्षित)।
  • छाती: पुरुषों के लिए 81 सेमी (सामान्य) और 86 सेमी (फुला हुआ)।
  • दृष्टि मानक: निर्धारित मानकों के अनुसार।

चयन प्रक्रिया: तीन-स्तरीय सफर
डिप्टी कमांडेंट के चयन के लिए एक कठिन तीन-स्तरीय प्रक्रिया निर्धारित की गई है:

1. प्रारंभिक परीक्षा (Preliminary Exam):

  • उद्देश्य: केवल एक स्क्रीनिंग टेस्ट है। इसमें प्राप्त अंक मुख्य परीक्षा के अंकों में नहीं जोड़े जाते।
  • प्रारूप: वस्तुनिष्ठ प्रकार (MCQ)।
  • पेपर: एक पेपर।
  • अवधि: 3 घंटे।
  • अंक: 200 अंक।
  • पाठ्यक्रम: सामान्य अध्ययन, सामान्य विज्ञान, सामान्य हिंदी, सामान्य अंग्रेजी, तर्कशक्ति, करंट अफेयर्स।
  • योग्यता: पदों की संख्या के 15 गुना (यानी 4×15 = 60) अभ्यर्थी इस परीक्षा में उत्तीर्ण होकर मुख्य परीक्षा के लिए चुने जाते हैं। इस बार लगभग 255 में से 60 अभ्यर्थी ही अगले चरण के लिए चयनित होंगे।

2. मुख्य परीक्षा (Main Examination):

  • उद्देश्य: मुख्य चयन परीक्षा। इनके अंक अंतिम मेरिट में शामिल होते हैं।
  • प्रारूप: वर्णनात्मक/लिखित प्रकार।
  • पेपर: यह दो पेपर होते हैं।
    • पेपर-I: सामान्य हिंदी और सामान्य अंग्रेजी (स्नातक स्तर)। 100 अंक।
    • पेपर-II: सामान्य अध्ययन (स्नातक स्तर)। 200 अंक।
  • अवधि: प्रत्येक पेपर 3 घंटे।
  • कुल अंक: 300 अंक।

3. साक्षात्कार/शारीरिक मानक सत्यापन (Interview/Physical Standard Verification):

  • अंक: 24 अंक।
  • प्रक्रिया: मुख्य परीक्षा में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाता है। साथ ही, उनके मूल दस्तावेजों और शारीरिक मानकों (ऊंचाई, छाती आदि) का सत्यापन किया जाता है। शारीरिक मानक पूरे न होने पर अभ्यर्थी अयोग्य घोषित कर दिया जाता है।

अंतिम मेरिट:

  • मुख्य परीक्षा (300 अंक) + साक्षात्कार (24 अंक) = कुल 324 अंक
  • इस कुल अंक के आधार पर अंतिम मेरिट सूची तैयार की जाती है और 4 पदों पर नियुक्ति दी जाती है।

परीक्षा पैटर्न और पाठ्यक्रम की विस्तृत तालिका

चरणपेपरविषयप्रश्नों की संख्या/प्रकारअधिकतम अंकअवधिनकारात्मक अंकन
प्रारंभिकएकल पेपरसामान्य अध्ययन: इतिहास, भूगोल, राजनीति, अर्थव्यवस्था, करंट अफेयर्स (राजस्थान व राष्ट्रीय)।
सामान्य विज्ञान: बेसिक फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी।
सामान्य हिंदी व अंग्रेजी: व्याकरण, बेसिक कॉम्प्रिहेंशन।
तर्कशक्ति: लॉजिकल रीजनिंग, मैथमेटिकल एबिलिटी।
150 वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ)2003 घंटे1/3 (प्रत्येक गलत उत्तर के लिए)
मुख्यपेपर-Iसामान्य हिंदी: निबंध, प्रेस-सारांश, व्याकरण, अनुवाद।
सामान्य अंग्रेजी: Essay, Precis, Grammar, Translation.
वर्णनात्मक/लघु उत्तरीय100 (50+50)3 घंटेलागू नहीं
पेपर-IIसामान्य अध्ययन: राजस्थान का इतिहास, संस्कृति, कला; भारतीय संविधान, राजव्यवस्था; सामाजिक मुद्दे; अर्थशास्त्र; विज्ञान व तकनीक; अंतर्राष्ट्रीय संबंध।वर्णनात्मक/लघु उत्तरीय2003 घंटेलागू नहीं
अंतिम चरणसाक्षात्कारव्यक्तित्व परीक्षण, सामान्य जागरूकता, संचार कौशल।मौखिक24लागू नहीं
शारीरिक सत्यापनऊंचाई, छाती, दृष्टि मानदंड की जाँच (योग्यता का हिस्सा, अंक नहीं)।अयोग्यता

केवल 255 उम्मीदवार: कारणों का विश्लेषण
इस वर्ष प्रारंभिक परीक्षा में उम्मीदवारों की सामान्य से बहुत कम संख्या के पीछे कई कारण हो सकते हैं:

  1. सीमित पद संख्या: केवल 4 पदों के लिए आवेदन करने से कई योग्य अभ्यर्थियों ने इस परीक्षा को अपना समय और संसाधन खर्च करने के योग्य नहीं समझा। वे अधिक पदों वाली अन्य भर्तियों (जैसे राजस्थान पुलिस, पटवारी, ग्राम सेवक आदि) पर ध्यान केंद्रित करना पसंद करते हैं।
  2. विशिष्ट शारीरिक आवश्यकताएँ: डिप्टी कमांडेंट के पद के लिए निर्धारित ऊंचाई और छाती के मानदंड कई उम्मीदवारों के लिए एक बड़ी बाधा बन जाते हैं। यह आवश्यकता एक बड़े वर्ग को स्वत: ही आवेदन से दूर रखती है।
  3. विशेषज्ञता की कमी: यह पद एक विशिष्ट क्षेत्र (औद्योगिक सुरक्षा) से संबंधित है। सामान्य प्रशासनिक सेवाओं (RAS) या शिक्षक भर्ती की तुलना में इसके करियर पथ के बारे में जागरूकता कम हो सकती है।
  4. परीक्षा तिथि और तैयारी का समय: हो सकता है कि इस परीक्षा की तिथि अन्य प्रमुख परीक्षाओं के करीब रही हो, जिससे अभ्यर्थियों को एक चुनाव करना पड़ा।
  5. आवेदन प्रक्रिया की जटिलता: RSMSSB द्वारा आवेदन मांगे गए थे, लेकिन परीक्षा RPSC द्वारा आयोजित की गई। इस तरह की प्रक्रिया कभी-कभी भ्रम पैदा कर सकती है।
  6. अन्य रोजगार के अवसर: निजी क्षेत्र और केंद्र सरकार की अन्य सुरक्षा सेवाओं (CISF, रेलवे सुरक्षा बल) में भी रोजगार के विकल्प मौजूद हैं।

इस स्थिति के निहितार्थ और अवसर

  • शेष बचे उम्मीदवारों के लिए अवसर: जिन 255 उम्मीदवारों ने परीक्षा दी है, उनके लिए चयन की संभावना सैद्धांतिक रूप से बढ़ गई है। हालाँकि, प्रतिस्पर्धा अभी भी कड़ी है क्योंकि अंतिम चयन केवल 4 का ही होना है।
  • गुणवत्तापूर्ण चयन: कम संख्या में उम्मीदवारों का मतलब यह नहीं कि मानक कम कर दिए जाएंगे। आयोग द्वारा निर्धारित कट-ऑफ और योग्यता मानदंड पूरे कड़ाई से लागू होंगे।
  • भविष्य के लिए संकेत: यह घटना भर्ती करने वाले विभागों और आयोग के लिए एक फीडबैक हो सकती है। भविष्य में ऐसे पदों की संख्या बढ़ाने, प्रचार-प्रसार बेहतर करने या योग्यता मानदंड पर पुनर्विचार की आवश्यकता पर चर्चा हो सकती है।

तैयारी की रणनीति (मुख्य परीक्षा के लिए)
जो उम्मीदवार प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने की उम्मीद कर रहे हैं, उन्हें मुख्य परीक्षा के लिए निम्न रणनीति अपनानी चाहिए:

  1. राजस्थान पर फोकस: मुख्य परीक्षा के सामान्य अध्ययन में राजस्थान के इतिहास, कला, संस्कृति, अर्थव्यवस्था और भूगोल पर विशेष जोर दें।
  2. हिंदी व अंग्रेजी में दक्षता: पेपर-I के लिए निबंध लेखन, प्रेस-सारांश (Precis Writing) और अनुवाद का नियमित अभ्यास जरूरी है।
  3. वर्णनात्मक उत्तर लेखन: मुख्य परीक्षा लिखित है। स्पष्ट, तर्कसंगत और संरचित ढंग से उत्तर लिखने का अभ्यास करें। उत्तरों को बिंदुवार और उदाहरणों के साथ प्रस्तुत करें।
  4. स्वास्थ्य एवं शारीरिक तैयारी: साक्षात्कार चरण में शारीरिक मानकों की कड़ी जाँच होगी। अपने मानकों को पहले से ही सुनिश्चित कर लें।
  5. पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र: RSMSSB/RPSC के अन्य समकक्ष पदों के मुख्य परीक्षा के पुराने प्रश्नपत्रों को हल करें।

महत्वपूर्ण लिंक्स (Important Links)

  • आधिकारिक नोटिफिकेशन (RSMSSB): यहाँ क्लिक करें (वेबसाइट के नोटिफिकेशन सेक्शन में खोजें)
  • राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) मुख्य पृष्ठ: https://rpsc.rajasthan.gov.in/
  • RSMSSB मुख्य पृष्ठ: https://rsmssb.rajasthan.gov.in/
  • राजस्थान सरकार का आधिकारिक पोर्टल: https://www.rajasthan.gov.in/
  • शारीरिक मानदंड विवरण: (मूल नोटिफिकेशन PDF में दिया गया है)
  • सिलेबस विवरण: (मूल नोटिफिकेशन PDF के अंतर्गत)

(ध्यान दें: कृपया उपरोक्त वेबसाइट्स पर जाकर सीधे नवीनतम अपडेट और आधिकारिक PDF डाउनलोड कर लें, क्योंकि लिंक समय के साथ बदल सकते हैं।)

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. क्या यह परीक्षा RPSC द्वारा आयोजित की गई थी या RSMSSB द्वारा?

  • उत्तर: इस भर्ती की अधिसूचना (Notification) और आवेदन प्रक्रिया राजस्थान अधीनस्थ एवं मंत्रालयिक सेवा चयन बोर्ड (RSMSSB) द्वारा जारी की गई थी। हालाँकि, लिखित परीक्षा (प्रारंभिक और मुख्य) का आयोजन राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा किया जा रहा है। यह दोनों संस्थानों के बीच एक समझौते के तहत हो सकता है।

2. क्या केवल 255 उम्मीदवारों ने ही आवेदन किया था?

  • उत्तर: नहीं, आवेदकों की संख्या इससे अधिक हो सकती है। 255 वह संख्या है जो वास्तव में प्रारंभिक परीक्षा में उपस्थित हुए। आवेदन करने वालों की संख्या हमेशा परीक्षा में बैठने वालों से अधिक होती है, क्योंकि कुछ अभ्यर्थी परीक्षा नहीं देते।

3. क्या पदों की कम संख्या के कारण परीक्षा रद्द हो सकती है?

  • उत्तर: बहुत कम संभावना है। एक बार आवेदन प्रक्रिया पूरी होने और परीक्षा आयोजित हो जाने के बाद, चयन प्रक्रिया को उसके तार्किक अंत (नियुक्ति) तक पहुँचाने का प्रयास किया जाता है। न्यायालय के आदेश या कोई गंभीर अनियमितता ही इसे रोक सकती है।

4. क्या शारीरिक मानक सिर्फ साक्षात्कार के समय चेक होंगे?

  • उत्तर: हाँ, आमतौर पर शारीरिक मानकों का सत्यापन मुख्य परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद, साक्षात्कार के दौरान या उससे पहले किसी निर्धारित तिथि पर किया जाता है। यह एक योग्यता परीक्षण है, इसमें अंक नहीं मिलते, लेकिन अयोग्य घोषित किया जा सकता है।

5. अगर मैं इस बार का उम्मीदवार नहीं था, तो क्या अगली भर्ती की उम्मीद कर सकता हूँ?

  • उत्तर: हाँ, भविष्य में रिक्तियाँ निकलने पर RSMSSB द्वारा फिर से अधिसूचना जारी की जा सकती है। आप RPSC और RSMSSB की वेबसाइटों पर नियमित नजर बनाए रखें।

6. क्या डिप्टी कमांडेंट के पद के लिए कोई शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) भी होती है?

  • उत्तर: इस विशेष अधिसूचना में दौड़, लंबी कूद आदि जैसी शारीरिक दक्षता परीक्षण (PET) का उल्लेख नहीं है। चयन प्रक्रिया में शारीरिक मानक सत्यापन (ऊंचाई, छाती, दृष्टि) शामिल है। हालाँकि, भविष्य की अधिसूचनाओं में इसमें बदलाव हो सकता है।

7. क्या इस पद के लिए कोई विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा?

  • उत्तर: हाँ, चयन के बाद नियुक्त अभ्यर्थियों को राजस्थान राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल या किसी निर्दिष्ट प्रशिक्षण संस्थान में कुछ समय का अनिवार्य प्रशिक्षण दिया जाता है।

निष्कर्ष:
राजस्थान में डिप्टी कमांडेंट की यह भर्ती प्रक्रिया इस वर्ष एक अनोखे सांख्यिकीय तथ्य के साथ शुरू हुई है। जहाँ एक ओर यह उम्मीदवारों की कम संख्या के कारणों पर विचार करने का अवसर देती है, वहीं दूसरी ओर मौजूदा उम्मीदवारों के लिए एक गहन और गंभीर प्रतिस्पर्धा का संकेत भी है। अंततः, चयन योग्यता, कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के आधार पर ही होगा। भविष्य की भर्तियों में शायद इस अनुभव से सबक लेकर प्रक्रिया को और अधिक आकर्षक बनाने के प्रयास किए जा सकते हैं।

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